चंपावत, 29 सितंबर। विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं और नागरिकों को सुरक्षित एवं कानूनी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विदेश मंत्रालय और जिला प्रशासन ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत युवाओं को फर्जी एजेंटों, जाली वर्क परमिट और वीजा के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से सावधान रहने की अपील की गई है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि विदेश मंत्रालय और पासपोर्ट कार्यालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन के माध्यम से जागरूकता सामग्री का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विदेश में रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थी केवल वैध लाइसेंसधारी और पंजीकृत एजेंट के माध्यम से ही रोजगार की प्रक्रिया पूरी करें। एजेंट को नकद भुगतान न करें और प्रत्येक लेन-देन की रसीद अवश्य लें। भुगतान डिजिटल माध्यम, बैंक हस्तांतरण या यूपीआई के जरिए एजेंट के आधिकारिक खाते में ही करने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि टूरिस्ट या विजिट वीजा पर विदेश जाकर रोजगार तलाशना अवैध है। ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति को निर्वासित भी किया जा सकता है। विदेश में नौकरी के लिए केवल वैध वर्क वीजा पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। ईसीआर पासपोर्ट धारकों के लिए 18 ईसीआर देशों में जाने से पहले प्रोटेक्टर ऑफ इमीग्रेंट्स से उत्प्रवासन मंजूरी लेना अनिवार्य है।

विदेश जाने से पहले अभ्यर्थियों को ई-माइग्रेट पोर्टल पर पंजीकरण कराने तथा एजेंट के लाइसेंस की वैधता की जांच करने की सलाह दी गई है। युवाओं को प्रवासी भारतीय बीमा योजना का लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। यह बीमा योजना ई-माइग्रेट पोर्टल के माध्यम से दो और तीन वर्ष की अवधि के लिए उपलब्ध है।

विदेश में रोजगार से संबंधित किसी समस्या या सहायता के लिए प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र के टोल फ्री नंबर 1800 11 3090, अंतरराष्ट्रीय नंबर 011 26885021, व्हाट्सऐप नंबर 7428321144 और ईमेल helpline@mea.gov.in पर संपर्क किया जा सकता है। धोखाधड़ी अथवा अन्य समस्याओं की शिकायत ई-माइग्रेट पोर्टल पर भी दर्ज कराई जा सकती है।

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी मालविका प्रियदर्शनी ने कहा कि जिला प्रशासन और पासपोर्ट कार्यालय मिलकर युवाओं को सुरक्षित और सुनियोजित तरीके से विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा उन्हें धोखाधड़ी से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चला रहे हैं।